भीनी भीनी सी खुशबु तेरी,
महका महका सा एहसास है… |
एक अरसा हुआ तुझको देखे हुए…
पर तू हर लम्हा मेरे पास है…. ||
- गौरव संगतानी
July 13, 2009 by Gaurav Sangtani
भीनी भीनी सी खुशबु तेरी,
महका महका सा एहसास है… |
एक अरसा हुआ तुझको देखे हुए…
पर तू हर लम्हा मेरे पास है…. ||
- गौरव संगतानी
khushboo kuchh aisi hi hoti hai mahboob ki……………bahut sundar
वाह, जी बहुत सुन्दर शब्द हैं
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प्रेम अंधा होता है – वैज्ञानिक शोध
waah ye ehsaas -o-khusbu ka tarana bahut sunder hai.
sunder — bahut sunder
Thanks om ji, vinay ji, verma ji… and as always mehek ji…