कितनी दफा हम पूछते हैं न….. आख़िर क्यूँ..???
कुछ बातों का कोई कारण नही होता
कोई अर्थ नहीं होता
कोई तर्क नहीं होता
आप स्वीकारें न स्वीकारें….
कोई फर्क नही होता….!!!
कुछ सवालों का कोई जवाब नही होता
कोई शुरुआत नही होती
कोई अंत नहीं होता
आप कितना ही पूछें…
कोई हल नहीं होता….!!!
कुछ रास्तों की कोई मंजिल नहीं होती
कोई आसरा नही होता
कोई ठिकाना नहीं [...]
Archive for November, 2008
आख़िर क्यूँ..
Posted in Blogroll, dreams, gaurav, ख्वाब, मेरी आवाज़ on November 8, 2008 | 8 Comments »











