पास आकर भी फ़ासले क्यों हैं |
राज़ क्या है, समझ मे ये आया ||
उस को भी याद है कोई अब तक |
मैं भी तुमको भुला नही पाया ||
- जावेद अख़्तर
May 26, 2008 by Gaurav Sangtani
पास आकर भी फ़ासले क्यों हैं |
राज़ क्या है, समझ मे ये आया ||
उस को भी याद है कोई अब तक |
मैं भी तुमको भुला नही पाया ||
- जावेद अख़्तर
जावेद अख़्तर जी की यह पंक्तियां पेश करने के लिए आभार.