बहुत पहले लिखा था ये शेर, आज भी दिल के बहुत करीब है…..!
तेरी हर बात मानी है हमने,
अब ये ना कहना ऐ दिल धङकना छोङ दे |
दिल है तो धङकेगा,
दर्द होगा,
आँसू भी होंगे,
आँखों से ना कहना छलकना छोङ दे….!
- गौरव संगतानी
Archive for February, 2008
छलकना छोङ दे
Posted in ख्वाब on February 5, 2008 | 2 Comments »











